आ गई अब वर्षा रानी
छाएगें अब बादल काले, नाचेंगे मोर मतवाले,
चमचम बिजली चमकेगी,
छमछम- छमछम बारिश होगी।
निर्मलता छाएगी चहुँ ओर
निर्मलता छाएगी चहुँ ओर
हरियाली होगी हर ओर
कोयल छेड़ेगी मधुर तान,
मोर , पपीहा करें पुकार,
देते हमको खुशी अपार।
छम-छम बरसेगा अब पानी
करें वर्षा के स्वागत की तैयारी
तैयारी न रहे अधूरी
जुट जाएँ हम आज, अभी से
नाले नाली साफ़ रखें
यही प्रार्थना है, सभी से
नाम न गंदगी का हो कहीं
बारिश में साफ़ हों सभी
न पॉलीथिन ,न हों बोतलें
यही रुकावटें हैं बड़ी ,
पानी जब निर्बाध बहेगा
बीमारी का नाम न होगा
छम-छम बरसेगा अब पानी
करें वर्षा के स्वागत की तैयारी
तैयारी न रहे अधूरी
जुट जाएँ हम आज, अभी से
नाले नाली साफ़ रखें
यही प्रार्थना है, सभी से
नाम न गंदगी का हो कहीं
बारिश में साफ़ हों सभी
न पॉलीथिन ,न हों बोतलें
यही रुकावटें हैं बड़ी ,
पानी जब निर्बाध बहेगा
बीमारी का नाम न होगा
बंद कुऍं -तालाब खुद्वाओ
उन तक वर्षा जल पहुँचाओ
वर्षा जल को करो इकठ्ठा
होता है यह बड़े काम का
उन तक वर्षा जल पहुँचाओ
वर्षा जल को करो इकठ्ठा
होता है यह बड़े काम का
चाहे इससे बाग को सींचो
चाहे इससे प्यास बुझाओ
चाहे इससे प्यास बुझाओ
अब केवल हो एक ही नारा
वर्षा जल संरक्षण कर्त्तव्य हमारा
छम-छम छम-छम बरसा पानी
आ गई अब वर्षा रानी
वर्षा जल संरक्षण कर्त्तव्य हमारा
छम-छम छम-छम बरसा पानी
आ गई अब वर्षा रानी
नीरा भार्गव


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